सत, चित और आनंद हैं प्रभु : रामचंद्राचार्य

बिसौली में चल रही कथा का श्रवण करते भक्त। संवाद
बिसौली। कथावाचक रामचंद्राचार्य ने कहा कि यह संसार प्रभु ने बनाया है, इसीलिए ये वास्तविक दिखाई देता है। प्रभु सत, चित और आनंद है।
अग्रवाल धर्मशाला में चल रही श्रीमद्भागवत में उन्होंने कहा कि संसार में जो जड़, चेतन है, वह प्रभु ही है। यह सब उनका ही स्वरूप है। उनके द्वारा ही बनाया गया है। भगवान सिर्फ संकल्प मात्र से ही करोड़ों सृष्टि, उसमें उपस्थित जीव, जड़ और चेतन का सृजन कर सकते है और निमिष मात्र में उसका संहार कर सकते हैं। इस दौरान अर्जुन गुप्ता, मनोज गुप्ता,मनोज यादव, मुकेश शर्मा, राम प्रसाद गुप्ता, रमाकांत मिश्रा, प्रमोद यादव, लाखन सिंह महेश, मुनेंद्र आदि लोग मौजूद रहे। संवाद