Rampur News: किशोरी से छेड़खानी के आरोपी को एक साल की सजा, पांच हजार लगाया जुर्माना
रामपुर। शाहबाद क्षेत्र में किशोरी से छेड़खानी के मामले की विवेचना में खामी पर कोर्ट ने विवेचक को फटकार लगाते हुए कहा कि विवेचक ने छेड़खानी के आरोप की विवेचना को कमजोर करने का काम किया है। कोर्ट ने गवाह बनाए गए वीडीओ के खिलाफ भी टिप्पणी की है। साथ ही आरोपी को एक साल की सजा और जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है।शाहबाद कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक ने 29 अगस्त 21 को तहरीर देकर कहा था कि शौच के लिए जाते समय उसकी 14 वर्षीय बेटी को गांव के ही जगतराम ने दबोच लिया था। शोर सुनकर आसपास के लोग एकत्र हो गए और उसकी पुत्री को आरोपी से बचाया। मामले में पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद तफ्तीश की और चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मो. रफी ने छेड़खानी के आरोपी जगतराम को एक साल की कैद सजा सुनाई। साथ ही पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
विशेष लोक अभियोजक सुमित शर्मा ने बताया कि कोर्ट ने अपने आदेश में कमजोर विवेचना पर विवेचक के खिलाफ कड़ी टिप्पणी की है। कहा कि विवेचक ने अभियोजन के कथन को बेहद कमजोर किया है। कहा कि विवेचक को यह जानकारी थी कि पीड़िता कक्षा तीन की छात्रा थी, लेकिन इसके बाद भी उसने इस तथ्य को विवेचना में शामिल नहीं किया। विवेचक ने जन्म तिथि प्रमाणित कराने वाले ग्राम पंचायत अधिकारी का बयान तक अंकित नहीं किया। विवेचक की लापरवाही का लाभ आरोपी को नहीं दिया जा सकता। कोर्ट ने विवेचक के साथ ही ग्राम पंचायत अधिकारी की कार्यशैली पर भी सवालिया निशान लगाया।