Rampur News: पांच बच्चों की मौत के बाद जागा प्रशासन, 144 भट्ठा संचालकों को नोटिस
रामपुर। जिले में काल बन रहे ईंट-भट्ठों के गड्ढों को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। डीएम के निर्देश पर जिले में 144 ईंट-भट्ठा संचालकों को नोटिस दिए गए हैं। इसमें सख्त तौर पर खनन क्षेत्रों में साइन बोर्ड या फिर बैरिकेडिंग करने की चेतावनी दी गई। साथ ही ऐसा नहीं करने वाले भट्ठा संचालकों के खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है।
प्रशासन की ओर से करीब 10 दिन में 14 से अधिक जिंदगी लीलने वाले ईंट-भट्ठों के गड्ढों को भरने के लिए कहा गया है। डीएम ने साफ तौर पर कहा कि जिस भट्ठा संचालक का खनन क्षेत्र है। वह अपने क्षेत्रों में बैरिकेडिंग और साइन बोर्ड लगाकर रखें। जिससे कोई अप्रिय और ह्दयविदारक घटना न घट सके। इस दौरान उन्होंने करीब 144 भट्ठा संचालकों को नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा अवैध रूप से भट्ठा चला रहे संचालकों को सख्त हिदायत दी है कि वह अपने भट्ठे बंद कर दें, नहीं तो कार्रवाई की जाएगी। साथ ही इसके लिए एडीएम और खनन अधिकारी समेत कई टीमें बनाई गई हैं, जो ऐसे भट्ठा संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करेंगी। डीएम ने सभी तहसील स्तर पर यह आदेश जारी किया है।
एक से दो मीटर के भीतर लगाएं साइन बोर्ड
डीएम के सख्त निर्देश हैं कि नदी और तालाबों के एक से दो मीटर पहले ही साइन बोर्ड या आबादी क्षेत्र के आसपास बैरिकेडिंग कराई जाए, जिससे लोगों को पहले से आभास हो जाए और कोई हादसा न हो।
सभी तहसीलें जल्द करें गड्ढा भरान का कार्य
सभी तहसीलों में गड्ढा भरान के लिए त्वरित कार्रवाई करने के लिए एडीएम और खनन अधिकारी ने निर्देश दिए हैं। उनका कहना है कि युद्ध स्तर पर दो दिन के भीतर गड्ढा भरान कर लें, अन्यथा कार्रवाई होगी।
शाहबाद मामले में जांच शुरू
मिलक के मामले में दो खलील बिक्रफील्ड और चांद ब्रिकफील्ड के संचालकों पर कार्रवाई के बाद अब शाहबाद के मामले में जांच की जा रही है। जल्द ही इस पर भी बड़ी कार्रवाई हो सकती है।