Rampur News: हाईकोर्ट के दखल के बाद आरपीएस के बच्चों के लिए खोली हेल्प डेस्क
रामपुर। हाईकोर्ट के दखल के बाद सपा नेता आजम खां के रामपुर पब्लिक स्कूल (बॉयज विंग) के बच्चों की प्रशासन ने सुध ली है। मार्च में बंद किए गए रामपुर पब्लिक स्कूल (आरपीएस) के बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था कराने के लिए प्रशासनिक अमले ने कवायद शुरू कर दी है। इसको लेकर शिक्षा विभाग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अफसरों ने अभिभावकों से संपर्क साधा है। साथ ही उनकी समस्याओं के निस्तारण के लिए हेल्प डेस्क खोल दी है।
जौहर शोध संस्थान की बिल्डिंग पर लीज की शर्तों के उल्लंघन के चलते मार्च 2023 में ताला लगा दिया गया था। जिसके बाद शोध संस्थान में संचालित हो रहे रामपुर पब्लिक स्कूल (बॉयज विंग) के बच्चों की पढ़ाई अधर में लटक गई थी। उस समय स्कूल में अध्ययनरत करीब 1400 बच्चों की परीक्षाएं चल रहीं थीं।
परीक्षा होने के बाद अभिभावकों ने नए सत्र 2023-24 में बच्चों का दाखिला रामपुर पब्लिक स्कूल की दूसरी शाखा या फिर अन्य स्कूलों में करा दिया था। सरकार के इस फैसले के बाद जौहर ट्रस्ट ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। दो दिन पहले हाईकोर्ट ने सरकार से बंद किए गए स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था को लेकर जानकारी मांगी थी, जिसके बाद प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया।
इसी क्रम में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी अंकित कुमार के साथ जिला विद्यालय निरीक्षक मुन्ने अली और बीएसए संजीव कुमार ने संयुक्त रूप से स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों के साथ बैठक की। अभिभावकों और स्कूल स्टाफ से जुड़े लोगों से बच्चों के शैक्षिक सत्र को लेकर जानकारी की। अधिकारियों ने कहा कि बच्चों के शिक्षण कार्य में किसी तरह की कोई दिक्कत आ रही है तो इसके हल के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक और बीएसए दफ्तर में एक-एक हेल्प डेस्क को स्थापित कर दिया है। दोनों दफ्तरों में हेल्प डेस्क प्रभारी नियुक्त करते हुए उनके मोबाइल नंबर जारी कर दिए गए हैं।
इनको बनाया हेल्प डेस्क का प्रभारी
बीएसए दफ्तर में मोहित सिंह को हेल्प डेस्क का प्रभारी बनाया गया है। साथ ही 9012466475 नंबर जारी किया है। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में चित्रकला रावत प्रभारी बनाई गई हैं। यहां पर हेल्प डेस्क का नंबर 7906948322 है। अभिभावक इन नंबरों पर संपर्क कर अपने बच्चों के शिक्षण कार्य से जुड़ी समस्याओं को लेकर बात कर सकते हैं। उनकी समस्याएं हल कराई जाएंगी।
ये था मामला
जौहर शोध संस्थान की बिल्डिंग को सपा सरकार में सपा नेता आजम खां के मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट को 100 रुपये के वार्षिक शुल्क पर 33 साल के लिए लीज पर दिया गया था। तय हुआ था कि लीज की अवधि 33-33 साल के लिए दो बार बढ़ाई जा सकती है। शुरुआत में इसमें अरबी-फारसी की पढ़ाई के साथ शोध कार्य की योजना थी। बाद में शर्तों में बदलाव करते हुए उच्च शिक्षा के स्थान पर सभी विषयों में प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा शब्द जुड़वा दिया गया था। इसके बाद शोध संस्थान के भवन में रामपुर पब्लिक स्कूल के नाम से विद्यालय का संचालन शुरू करा दिया गया था। भाजपा सरकार आने पर शर्तों के उल्लंघन के आधार पर लीज को निरस्त कर दिया गया। इसके बाद मार्च 2023 में जिला प्रशासन की ओर से इस बिल्डिंग में ताला जड़ते हुए इसे अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को हैंडओवर कर दिया गया था। इस बिल्डिंग में संचालित हो रहे रामपुर पब्लिक स्कूल (बॉयज विंग) में करीब 1400 बच्चे पढ़ाई कर रहे थे।
शोध संस्थान में पूर्व में संचालित हो रहे रामपुर पब्लिक स्कूल के अभिभावकाें संग वार्ता हुई है। उनके बच्चों के शिक्षण कार्य के संबंध में जानकारी हासिल करते हुए बीएसए और जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में हेल्प डेस्क को स्थापित करा दिया है। कोई समस्या होने पर अभिभावक संपर्क कर सकते हैं।
शिक्षा विभाग की जमीन पर बने स्कूल पर भी पड़ चुके हैं ताले
शिक्षा विभाग की जमीन पर जौहर ट्रस्ट की ओर से संचालित रामपुर पब्लिक स्कूल (गर्ल्स विंग) पर भी कैबिनेट के फैसले के बाद दो माह पहले ताले डाले जा चुके हैं। इस स्कूल की छात्राओं के भविष्य पर अभी भी संकट के बादल हैं क्योकि सरकार के आदेश के बाद भी इस स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं की शिक्षा की व्यवस्था नहीं हो सकी है। इससे छात्राओं के अभिभावक परेशान हैं। स्कूल के साथ ही शिक्षा विभाग की जमीन पर बना सपा कार्यालय भी प्रशासन ने खाली करा लिया था।

