Rampur News: डीआईओएस और बीएसए की देखरेख में होगी बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था
रामपुर। शिक्षा विभाग की जमीन पर संचालित रामपुर पब्लिक स्कूल (गर्ल्स विंग) की डेढ़ हजार छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए प्रशासन की ओर से दो अफसरों की कमेटी बनाई गई है। इनकी देखरेख में यह तय होगा कि उक्त छात्राएं किस तरह पढ़ाई करेंगी। यह अफसर अभिभावकों से राय लेकर पढ़ाई का रास्ता तैयार करेंगे। जौहर ट्रस्ट की ओर से पुराने जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के स्थान पर रामपुर पब्लिक स्कूल संचालित किया जा रहा है। इस स्कूल में कक्षा एक से 12वीं तक की छात्राएं पढ़ती हैं। सरकार ने स्कूल भवन को खाली कराने का फैसला लिया है। इस फैसले के बाद छात्राओं के भविष्य पर संकट के बादल छाए हैं। सीबीएसई की ओर से संचालित इस स्कूल में इस वक्त परीक्षाएं भी हो रही हैं।
प्रशासन ने इन सब परिस्थितियों को देखते हुए इस स्कूल के बच्चों का भी ख्याल रखा है। जिलाधिकारी के आदेश पर मुख्य विकास अधिकारी नंद किशोर कलाल ने जिला विद्यालय निरीक्षक और जिला बेसिक शिक्षाधिकारी की कमेटी बनाकर उनको इस स्कूल की छात्राओं की पढ़ाई बाधित न होने देने के साथ ही उनकी पढ़ाई की व्यवस्था कराने को कहा है। साथ ही अभिभावकों से भी राय लेने को कहा है।
सपा कार्यालय के पास फोर्स तैनात
रामपुर। शिक्षा विभाग की जमीन खाली कराने का आदेश मिलने के बाद पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है। पुुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से अब सुरक्षा बढ़ा दी है। समाजवादी पार्टी कार्यालय और रामपुर पब्लिक स्कूल के पास बृहस्पतिवार को पुलिस बल तैनात कर दिया गया। यहां पर सुरक्षा के लिहाज से क्यूआरटी भी लगा दी गई है।
खून से पत्र लिखकर यूनिवर्सिटी को सरकार घोषित करने की मांग
रामपुर। जिला पंचायत सदस्य तकमील अहमद ने मुख्यमंत्री को खून से पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई है। यूनिवर्सिटी में राज्य सरकार का पैसा लगा है। तमाम जमीन पर कब्जा किया गया है। सरकार ने अपनी जमीन वापस भी ले ली है। कहा कि एक व्यक्ति की गलती की सजा यूनिवर्सिटी के छात्रों को न दी जाए। इस यूनिवर्सिटी को सरकारी घोषित कर दिया जाए, ताकि छात्रों का भविष्य अंधकारमय न हो। इसके साथ ही स्टाफ पर भी संकट न आए। उन्होंने यूनिवर्सिटी को सरकारी घोषित करने की मांग की है।


