Rampur News: छात्राओं के नए स्कूल में दाखिले और पढ़ाई के खर्च पर शिक्षा विभाग का रुख स्पष्ट नहीं
रामपुर। आजम खां के रामपुर पब्लिक स्कूल (गर्ल्स विंग) में पढ़ने वाली छात्राओं की पढ़ाई को लेकर पसोपेश की स्थिति है। बीच सत्र में स्कूल बंद होने के बाद से अभिभावक अपने बच्चों की आगे की पढ़ाई को लेकर चिंतित हैं। वहीं शिक्षा विभाग के अधिकारी इस मसले पर अनजान बने बैठे हुए हैं। उन्होंने कंट्रोल नंबर जारी कर अभिभावकों को थोड़ी सहूलियत दी है, लेकिन बच्चों के नए स्कूल में दाखिले से लेकर उनके पढ़ाई तक के खर्च पर अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है।
सपा नेता आजम खान के जौहर ट्रस्ट की ओर से पुराने जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के स्थान पर संचालित हो रहे रामपुर पब्लिक स्कूल पर अब ताला जड़ चुका है। इसमें कक्षा एक से आठ तक की 565 छात्राएं पढ़ाई कर रही थीं। इसके बाद से छात्राओं की पढ़ाई को लेकर तमाम सवाल हैं। दरसअल, यह स्कूल ट्रस्ट की ओर से संचालित हो रहा था। लिहाजा, इसमें बच्चों के दाखिले से लेकर उनकी पढ़ाई तक में कम फीस ली जाती थी। जिसको मध्यम वर्ग के अभिभावक आराम से वहन कर लिया करते थे।
स्कूल में अधिकांश मध्यम और गरीब वर्ग की छात्राएं ही पढ़ाई करती थीं। स्कूल बंद होने के बाद इनकी पढ़ाई पूरी कराने के लिए अभिभावकों को इनका दाखिला दूसरे स्कूलों में कराना है। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से दिशा-निर्देश दिए गए हैं। मगर विभाग की ओर से इन छात्राओं की फीस से लेकर कोई रुख स्पष्ट नहीं किया गया है। साथ ही बीच सत्र में पढ़ाई छूटने के बाद किस प्रकार इन बच्चों का अन्य स्कूलों में सिलेबस पूरा होगा, परीक्षा किस रूप में होगी, इसको लेकर विभाग ने अभी कोई जानकारी बच्चों के अभिभावकों अथवा स्कूल प्रबंधन को भी नहीं दी है।
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कोर्ट केस के सिलसिले में मैं बाहर हूं। इसलिए अभी कुछ नहीं कह सकता। फिलहाल बच्चों के दाखिले के लिए कंट्रोल रूम खुला हुआ है। अभिभावक इन पर संपर्क कर सकते हैं।