Rampur News: यात्रियों को लग रहा बसों की कमी का झटका
रामपुर। एक साल में रामपुर डिपो से 16 रोडवेज बसें कम हुई हैं, जबकि मिली केवल दो हैं। इसके चलते यात्रियों को बस अड्डे पर घंटों इंतजार करना पड़ता है। वहीं आगामी त्योहारों पर बसों की कमी यात्रियों की परेशानी और बढ़ाएगी।
परिवहन निगम में 10 साल से अधिक उम्र सीमा अथवा 15 लाख किलोमीटर दौड़ चुकी बसों को कंडम घोषित कर दिया जाता है। इन शर्तों को पूरा करने में स्थानीय डिपो से एक साल में 16 बसें कम हुईं। जुलाई 2022 में डिपो के पास 72 बसें थीं। अब 56 बसें बची हैं। मुख्यालय से केवल दो अनुबंधित बसें संचालन के लिए दी गईं। ऐसे में साल भर में एक ओर जहां यात्रियों की भीड़ में इजाफा होता रहा वहीं रोडवेज के बेड़े में बसें कम होती चली गईं।
कुछ दिनों में नवरात्र शुरू हो रहे हैं। इसके बाद दशहरा, दिवाली और भैया दूज का पर्व है। यात्री अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए रोडवेज बसों में सफर करेंगे। ऐसे में बसों की कमी होने की वजह से उनके सामने दिक्कत खड़ी हो सकती है। यात्रियों को सफर के लिए अन्य साधन अपनाने पड़ेंगे।
साल भर में 10 फीसदी बढ़े यात्री
साल भर पहले हर रोज औसतन आठ हजार यात्री रोडवेज बस में सफर किया करते थे। अब यह औसत नौ हजार यात्रियों का है। बसें कम होने से रूटों पर इनके फेरे भी कम हो गए हैं। इसका प्रभाव, दिल्ली, मुरादाबाद और बरेली जाने वाले यात्रियों पर अधिक पड़ा है। पहले 20 मिनट के अंतराल पर बसें मिल जाती थीं। अब यात्री को बस स्टैंड पर एक से दो घंटे तक का इंतजार करना पड़ता है। तब कहीं जाकर बस मिल पाती है। त्योहार के मौके पर तो यात्रियों को बस में सीट पाना मुश्किल होता है।
बसों को निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत कंडम घोषित कर नीलाम किया जाता है। डिपो से बसें कम हुई हैं। इसलिए मुख्यालय से लगातार पत्राचार हो रहा है। उम्मीद है कि त्योहार से पहले डिपो को नई बसें मिल जाएंगी। जिससे यात्रियों को रोडवेज बसों में आरामदायक सफर हो सकेगा।
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