Rampur News: जानलेवा बने तालाब- नदियां, 40 दिन में गई 27 की जान
रामपुर। मानसून सक्रिय होने के बाद पानी से लबालब हो चुके नदी व तालाब जानलेवा साबित हो रहे हैं। पिछले 40 दिन में 27 लोग जान गंवा चुके हैं। प्रशासन से लेकर जनप्रतिनिधि भी लोगों से अपील कर रहे हैं वे बच्चों को नदी-तालाब के पास न जाने दें। इसके बाद भी मौतों का सिलसिला नहीं रुक रहा है।
बारिश के चलते गांवो में बहने वाली नदियां, तालाब और गड्ढे पानी से पूरी तरह भर चुके हैं। कई नदियां तो ओवर फ्लो हो चुकी हैं। कोसी के साथ ही रामगंगा, पीलाखार नदी समेत अन्य नदियों का जलस्तर बढ़ा है। ऐसे में ग्रामीण इलाकों के लोग नहाने के लिए नदियां और तालाबों का रुख कर रहे हैं जो कि बेहद जानलेवा साबित हो रहा है। पिछले 40 दिन में 27 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। उनके परिवारों में मातम छाया हुआ है। यह स्थिति तब है जब रामपुर में सरकारी गोताखोर भी नहीं है। प्रशासन से लेकर जनप्रतिनिधि लगातार सोशल मीडिया केमाध्यम से अपील कर रहे हैं कि लोग नदियां, तालाब और गहरे गड्ढों की तरफ न जाएं।
ये हुए बड़े हादसे
पांच जुलाई को शहजादनगर थाना के निपनिया गांव में तीन बच्चे विवेक, रोहन और यश तालाब में नहाने गए। तीनों बच्चे डूबे और फिर तीनों बच्चों की मौत हो गई।
आठ जुलाई को शहजादनगर थाना के पैंगबरपुर गांव में भी एक किसान शिव शंकर तालाब में गया, जहां वह डूब गया। उसका शव अगले दिन मिला।
मिलक के बशीरनगर निवासी 12 साल के प्रिंस और विशेष तालाब में डूबे और बाद में उनके शव तालाब में मिले।
डीएम बोले, नदियों और तालाबों के पास न जाएं लोग
रामपुर। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने एक बार फिर लोगों से अपील जारी की है कि जनपद में मानसून सक्रिय है। रुक-रुक कर बारिश हो रही है। बारिश की वजह से नदियां, तालाब व गहरे गड्ढों में पानी भर गया है। ऐसे में लोग इससे दूर रहें। खुद भी जागरूक हों और लोगों को भी यहां जाने से रोकें। कहा कि संकट की स्थिति में प्रशासन उनके साथ है, लेकिन लोगों को नदियों व तालाबों से दूर रहना होगा। लोगों को जागरूक करने के लिए मुनादी भी कराई जा रही है।


