Rampur News: डेंगू-मलेरिया के रोगियों की रैंडम सैंपलिंग बंद
रामपुर। पांच साल के अंदर जिले में डेंगू के मच्छरों का जोर बढ़ा है। जबकि मलेरिया के मामले कम हुए हैं। हालांकि पिछले साल की तुलना में इस साल डेंगू और मलेरिया दोनों के ही मामलों में बढ़ोत्तरी हुई है। अब दिसंबर में तापमान में गिरावट आने पर गांव जा रही स्वास्थ्य टीम द्वारा डेंगू-मलेरिया के रोगियों की जांच के लिए रैंडम सैंपल लेने की व्यवस्था बंद कर दी गई है। अब केवल सीएचसी, पीएचसी, जिला अस्पताल की ओपीडी में आने वाले रोगियों की डॉक्टर की सलाह पर ही डेंगू एलाइजा जांच कराई जाएगी।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. केके चहल ने बताया कि गांव-गांव से डेंगू एलाइजा जांच को सैंपल अब नहीं लिए जाएंगे। टीमों से कराए जा रहे रैंडम एलाइजा सैंपल की जांच अब बंद कर दी है। जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में डेंगू मलेरिया की जांच होती रहेगी। स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार जिले में इस साल डेंगू के 795 मामले आए हैं, जबकि 150 लोगों को मलेरिया हुआ है। पिछले साल 2022 में डेंगू के 434 और मलेरिया के 80 मामले आए थे।
इंसेंट
डॉ. संजय अग्रवाल के मुताबिक नवंबर से फरवरी तक के समय में मौसम सर्द रहता है। ऐसे मौसम में संचारी रोगों का जोखिम कम होता है। खासतौर से दिसंबर और जनवरी में अत्याधिक ठंड पड़ती है। तापमान जैसे ही 15 डिग्री से कम रहता है। मच्छर खत्म होने लगते हैं।
एक लाख रोगियों की जांच में 795 मिले डेंगू पीड़ित
संचारी रोग नियंत्रण अभियान सहित निरोधक गतिविधियों में लगातार डेंगू व मलेरिया जांच कराई गई। अगस्त से अब तक लगभग एक लाख बुखार रोगियों की जांच की गई। जांच में 795 डेंगू पीड़ित मरीज निकले। वहीं 150 लोगों में मलेरिया की पुष्टि हुई है। बीते चार दिनों से डेंगू, मलेरिया का कोई मामला नहीं मिला है।
जिले में डेंगू व मलेरिया के मामले
वर्ष डेंगू मलेरिया
2019 62 291
2020 08 56
2021 187 28
2022 434 80
2023 795 150
बयान
सर्दी का असर बढ़ने से डेंगू और मलेरिया का प्रकोप कम हो जाता है। इसलिए अब रैंडम सैंपल की व्यवस्था बंद कर दी गई है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पताल में जांच की सुविधा उपलब्ध रहेगी।