Shahjahanpur: जंगल में एक साथ क्यों काटे गए 13 पेड़… इस सवाल का वनकर्मी 14 दिन में नहीं तलाश सके जवाब

सिहुरा वन चौकी पर पड़ी काटी गई लकड़ी।
– फोटो : अमर उजाला
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शाहजहांपुर में खुटार रेंज के सिहुरा सेक्शन के सिंहपुर पश्चिमी बीट के हर्रायपुर कंपार्टमेंट नंबर चार से कोरो के 13 पेड़ काटे जाने का मामला बेहद गंभीर होने के बाद भी रेंजर और फॉरेस्टर सात दिन तक मामले को दबाए रहे। मीडिया के जरिए अवैध कटान का खुलासा होने के बाद अभी तक अधिकारी यह नहीं पता लगे सके हैं कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में पेड़ क्यों काटे गए हैं और इसके पीछे कौन है?
वन दरोगा पुष्पेंद्र कनौजिया की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में इस बात का कोई जिक्र नहीं है कि पेड़ किस दिन काटे गए हैं। रिपोर्ट में जो 12 लोग नामजद हैं, उनमें नौ लोग पूर्व या फिर वर्तमान में वन विभाग के वाचर रह चुके हैं। ऐसे में एक साथ इतना भारी कटान वाचरों ने किया होगा, यह मुश्किल नजर आता है। बड़े कटान के पीछे किसी माफिया का हाथ होने का शक जताया जा रहा है। रिपोर्ट में तीन अज्ञात लोग भी दर्ज हैं।
जांच में पाया गया है कि कटान छह जनवरी की रात हुआ था। अधिकारियों के संज्ञान में मामला 13 जनवरी को तब आया, जब अमर उजाला ने कटान के मामले को प्रमुखता से उठाया था, जबकि स्थानीय वनकर्मी सात जनवरी को ही कटान के बारे में जान गए थे। छह दिन तक मामले को दबाए रखा गया। कटान को 14 दिन हो चुके हैं, लेकिन अभी तक एक साथ 13 पेड़ क्यों काटे गए और इसके पीछे किसका हाथ है, इसकी जानकारी से रेंजर, फॉरेस्टर इनकार कर रहे हैं।